घटक – गोमूत्र आधारित
प्रयोग निर्देश – दोनों कान में 1-1 बूंद डालें। दिन में 4 से 5 बार डाल सकते हैं, कान बहने एवम कान का पर्दा फटा होने की परिस्थिति में इस औषध का प्रयोग न करें इसके स्थान पर पंचगव्य घृत का प्रयोग करें
लाभ- कर्ण विकारों जैसे कम सुनना, सुनाई ना देना, कान सुन्न हो जाना, कान में मल जमा होना, कान में संवेदना होना इत्यादि में लाभकारी
नोट: वैद्य की सलाह से लें।
गव्यसिद्धों के निरीक्षण में तैयार किया गया


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