घटक- गोमय भस्म, लोंग, काली मिर्च, त्रिफला, गेरु, मोलसरी छाल, बबूल छाल, अपामार्ग, सेंधा नमक, काला नमक, अमृतधारा, सरसो तेल।
प्रयोग निर्देश – उंगली से मसूड़ों एवम दांत पर हल्के हाथ से मसाज करें।
लाभ: इसके निरंतर प्रयोग से दाँत वज समान मजबूत बनते है।
गव्यसिद्धों के निरीक्षण में तैयार किया गया


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